
दीपक मागरे की खबर
बोड़ला – विकासखंड के विकास खंड शिक्षा अधिकारी दयाल सिंह के खिलाफ लोक शिक्षण संचनालय के द्वारा उनके विरुद्ध प्राप्त शिकायतों जांच के उपरांत उनकी कृत्यों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत पाए जाने पर निलंबन की कार्यवाही की गई है। विकास खंड शिक्षा अधिकारी दयाल सिंह का विवादों से गहरा नाता रहा है उनके विरुद्ध शिक्षकों का विरोध रहा है इसके अलावा ऑफिस में कार्य करने वाली महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी जिस पर पुलिस ने f.i.r. कर जांच उपरांत गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई थी पत्रकारों को दी गाली गलौज के मामले पर पत्रकारों ने भी ब्यूरो के विरुद्ध प्रदर्शन किया था इस तरह उनके प्राप्त विरुद्ध सोशल मीडिया व अन्य स्थानों पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर निलंबन की कार्रवाई शासन प्रशासन द्वारा की गई कारवाही का विकास खंड के समस्त शिक्षक जवानों ने जोरदार स्वागत किया है पहली बार किसी अधिकारी के ट्रांसफर होने के बाद विकासखंड में इस तरह से जश्न मनाया जा रहा है लोग एक दूसरे को इनके निलंबन पर बधाई दे रहे हैं
शिक्षकों में खुशी की लहर बाटी मिठाई
विकासखंड शिक्षा अधिकारी दयाल सिंह के ऊपर निलंबन की कार्यवाही से पूरे विकासखंड में शिक्षकों की जमात में खुशी की लहर व्याप्त है लोग एक दूसरे को बीईओ के निलंबन पर मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं आपको बता दें कि विकास खंड शिक्षा अधिकारी के आतंक से विकासखंड के समस्त शिक्षक शिक्षिका त्रस्त थे बिना पैसे के कार्यालय में किसी भी प्रकार काम नहीं होता था इन सभी विषयों को लेकर विकासखंड के शिक्षकों के द्वारा हल्ला बोल कर जल्द से जल्द इन के ऊपर कार्यवाही की मांग की जा रही थी लेकिन कार्यवाही में देरी होने से शिक्षक बंधुओं का विश्वास शासन प्रशासन से उठ रहा था निलंबन की कार्यवाही से शिक्षक जगत में खुशी छा गई है
विवादों से रहा है गहरा नाता
बोड़ला बीईओ के रुप में पदस्थ दयाल सिंह का विवादों से गहरा नाता रहा है वे अपने कार्यकाल के दौरान अनेक विवादों में फंसे जिला प्रशासन द्वारा तबादला किए जाने के बाद स्टे आर्डर लाकर प्रभार तो ले लिया लेकिन विवादों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा विकास खंड शिक्षा कार्यालय में कार्य करने वाली आरती अग्रवाल के द्वारा 1 मई 2023 को थाना प्रभारी को इस विषय में थाने में आकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी जिस पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 121 /23के अंतर्गत मामला दर्ज करते हुए आईपीसी की धारा 354 के तहत ज मामले पर f.i.r. करते हुए कार्यवाही किया पत्रकार को जान से मारने की धमकी देने पर भी पत्रकारों ने दियो के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और उन्होंने भी f.i.r. करवाया था इसके अलावा कुंडा में भी इनके ऊपर एफ आई आर दर्ज है इस तरह सोशल मीडिया में भी इनके खिलाफ कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप लग रहे थे इन सब के चलते शासन प्रशासन के द्वारा चार मामलों पर जांच के लिए टीम गठित की गई थी टीम के द्वारा जांच कर उन्हें दोषी पाते हुए निलंबन की अनुशंसा की गई थी जिस पर उनको दोषी पाते हुए कार्यवाही करते हुए लोक शिक्षण संचनालय द्वारा बीईओ को निलंबित किया गया




