
दीपक मागरे की खबर
बोड़ला – छत्तीसगढ़ एग्रिकान समिति एवं कामनलैंड संस्था के संयुक्त तत्वाधान में कबीरधाम जिले के कवर्धा विकासखंड के ग्राम में ग्रामीण स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया जहाँ भूमि के पुनर्स्थापना के लिए कार्यक्रम की शुरुआत ग्रामवासियों की उपस्थिति में किया गया |
बैठक में चर्चा के दौरान वर्तमान परिद्रश्य को ध्यान में रखते हुए जिस प्रकार से भूमिगत जल का स्तर नीचे जा रहा है, मिट्टी के स्वास्थ्य में लगातार कमी, पैदावार की गुणवत्ता में कमी और लगातार तापमान में वृधि के कारण फसल चक्र का बदलना पूरे विश्व को चिंतित कर दिया है कि भविष्य कैसा होगा ?
इसी कड़ी में कार्यक्रम प्रमुख ने बताया कि हम इसी कड़ी में 20 वर्षों तक जिले के ग्राम नाउडीह, दौजरी, जरती. दशरंगपुर खुर्द और खैरीपार एवं पंडरिया विकासखंड के ग्राम महली, बनियाकुवा, दोमसरा, पौनी और बांधा में प्रयोग के तौर पर भूमि के पुनर्स्थापना के लिए कार्यक्रम करेगें |
इसके लिए हर ग्राम में 10 कवीर किसान का समूह बनाकर प्रशिक्षण के माध्यम से अलग-अलग फसलों, मिट्टी पानी, खाद इत्यादि के विषेशज्ञ होंगे जो पहले खुद अपने खेतों में प्रयोग करेगें फिर अन्य ग्रामीण लोगों को प्रशिक्षित करेगें | कवीर स्वयंसेवी संस्था के द्वारा पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, आजीविका, पर्यावरण और बाल विकास एवं स्वास्थ्य जैसे मुद्दों में काम करेगें इसके लिए पंजीयन किया जायेगा
कार्यक्रमों में बच्चों के द्वारा पर्यावरण से सम्बंधित चित्रकला प्रतियोगिता किया गया जिसकी प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण रही और छत्तीसगढ़ी सांसकृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया और सभी प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पुरष्कार भेट स्वरुप दिया गया |
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे और इस कार्यक्रम को आगे ले जाने के एवं अपने प्राकृतिक संसाधनों को सवारने के द्रन्संकल्पित हुए है जिसके लिए पूरा सहयोग करने की भी बात कही गई जिसमें | इस अवसर पर सभी दस ग्रामों में सरपंच, किसान भाई बहन युवा साथी एवं छत्तीसगढ़ एग्रिकान समिति कवर्धा टीम के सदस्य उपस्थित रहे




