छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम के राजनांदगांव लोकसभा से प्रत्याशी बनने के बाद चर्चा में आई सीट, जानें आखिर बघेल यहां से क्यों लड़ रहे चुनाव…

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की करारी हार के बाद अब चर्चा लोकसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल की हो रही है। साल 2024 के लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने भूपेश बघेल को राजनांदगांव लोकसभा सीट से प्रत्याशी बना दिया है। राजनांदगांव सीट से भूपेश बघेल को प्रत्याशी बनाने के साथ यह सीट प्रदेश में काफी चर्चा में चल रही है।
साल 2024 के लोकसभा के चुनाव में राजनांदगांव लोकसभा सीट से भूपेश बघेल को प्रत्याशी बना दिया गया है। बघेल छत्तीसगढ़ के तेज तर्रार नेताओं में शामिल है। भूपेश बघेल की अगर बात करें तो बघेल ने साल 1993 में पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ा था, उसके बाद से वह लगातार चुनाव लड़ते आ रहे हैं। अब तक 1993 से साल 2023 तक हुए विधानसभा के चुनाव में भूपेश बघेल सिर्फ एक बार विधानसभा का चुनाव हारे हैं। साल 2009 के लोकसभा के चुनाव में भूपेश बघेल पहली बार प्रत्याशी बनाया गया था। रायपुर लोकसभा सीट से भूपेश बघेल ने चुनाव लड़ा लेकिन वह भारतीय जनता पार्टी के रमेश बैस से चुनाव हार गए। यह भूपेश बघेल का दूसरा लोकसभा चुनाव है जब उन्हें राजनांदगांव लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।
बघेल का दूसरा लोकसभा चुनाव
2009 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद राजनांदगांव लोकसभा सीट से मैदान में उतर गया है। हालांकि चुनाव का एक लंबा अनुभव रखने वाले भूपेश बघेल चुनाव की रणनीति और दांव पेंच बहुत ही अच्छी तरह से जानते हैं। छत्तीसगढ़ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके भूपेश बघेल दुर्ग जिले की पाटन विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते आए हैं। बघेल अब तक अपने राजनीतिक कैरियर में अपने भतीजे विजय बघेल से एक बार विधानसभा का चुनाव हार चुके हैं। वही एक बार वह लोकसभा का चुनाव भाजपा के रमेश बैस से हार चुके हैं। बघेल इस बार राजनंदगांव लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
राजनांदगांव लोकसभा के अंतर्गत आठ विधानसभा सीटें आती है। इन 8 सीटों में से पांच में कांग्रेस पार्टी का कब्जा है। केवल तीन सीटें राजनांदगांव, कवर्धा और पंडरिया विधानसभा की भारतीय जनता पार्टी के पास है।
विधानसभा में सीटें कम लेकिन भाजपा के वोट ज्यादा
साल 2023 के विधानसभा की चुनाव की बात करें तो राजनांदगांव लोकसभा सीट से आने वाली आठ विधानसभा सीटों में जिन पांच सीटों पर कांग्रेस पार्टी को जीत हासिल हुई है, उनमें खैरागढ़, डोंगरगढ़, डोंगरगांव, खुज्जी और मोहला मानपुर है। वहीं भाजपा की तीन वह सीटें जहां विधानसभा चुनाव में जीत मिली उनमें कवर्धा, पंडरिया और राजनंदगांव है। जिसमें अगर भारतीय जनता पार्टी के वोट की बात करें तो भाजपा को 705375 वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस पार्टी को कुल 674776 वोट मिले थे। यानी कि विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी इस पूरे आठ विधानसभा में 30599 वोट से आगे है।




