पिता के ऊंचे पहेचान ने आरोपी को बचा रखा था बताया जाता है कि आरोपी यशवंत चंद्रवंशी के पिता तिलक चंद्रवंशी ठेकेदारी का काम करते है। ठेकेदारी और पैसे के रसूख के चलते पिछले चार साल तक आरोपी कभी कोर्ट से जमानत तो कभी फरारी काट रहा था। पिता की पुलिस और वकीलों में पकड़ के चलते भी पीड़िता को इंसाफ के लिए चार साल तक इंतजार करना पड़ा। इस बीच न केवल पीड़िता बल्कि उनका पूरा परिवार मानसिक यातनाएं और संघर्षों से जूझता रहा। आखिरकार 7 मार्च को अंतिम सुनवाई करते हुए विशेष न्यायधीश उदय लक्ष्मी सिंह परमार ने आरोपी यशवंत चंद्रवंशी को 20 साल और छः माह की सजा का फैसला सुनाया है। इस सुनवाई में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजन पीएन शिवोपासक ने पैरवी की है। करीब तीन साल चली सुनवाई बाद कोर्ट ने धारा 326 के तहत छह माह सश्रम कारावास व धारा छह लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त अर्थदंड भी लगाया है। दोनों सजा एक साथ भुगतायी जाएगी….
सारे दिग्गज मैदान में शिव डहरिया जांजगीर तो इस सीट से भूपेश पर सहमति, बिलासपुर में इस समाज का होगा उम्मीदवार...

रायपुर :– लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारी की तस्वीर साफ करने के लिए कांग्रेस की पहली केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक गुरुवार को समपन्न हुई। बैठक में लोकसभा की 100 से 125 सीटों को लेकर चर्चा की गई। कहा जा रहा है कि दक्षिण के राज्यों के अलावा, यूपी की कुछ सीटों, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड की सीटों के लिए नामों का अयलान आज-कल में हो सकता हैं। वही इस बैठक में छत्तीसगढ़ को लेकर विशेष चर्चा हुई। प्रदेश के 11 में से 6 सीटों पर नामों को लेकर सहमति लगभग बन चुकी हैं।
प्रदेश के लिए जिन सीटों और नेताओं के नामों पर सहमति बनी हैं उनमें राजनंदगांव से भूपेश बघेल, जांजगीर से शिव डहरिया, कोरबा से ज्योसना महंत, दुर्ग से राजेंद्र साहू और सरगुजा से शशि सिंह के नाम पर लगभग सहमति बन चुकी हैं। वही शेष बची सीटों मसलन बस्तर, कांकेर,रायपुर, बिलासपुर और महासमुंद पर आज चर्चा होगी। बताया जा रहा हैं कि पीसीसी प्रमुख दीपक बैज बस्तर या कांकेर से चुनाव लड़ सकते है!




