अपना जिलाकवर्धा

सकरी नदी के कटाव की गंभीर समस्या से जूझ रहे ग्राम कोड़ार के ग्रामीणों की जनपद उपाध्यक्ष वीरेन्द्र साहू ने ली सुध

मौका मुआयना करने के बाद वर्षाकाल में जताई सकरी नदी का कटाव बढऩे की आशंका

प्रभावित गांव का दौरा कर ग्रामीणों से जानी समस्या, शासन-प्रशासन पर लगाए उपेक्षा व अनदेखी के आरोप


कवर्धा । प्रदेश की सत्ता में बीते करीब साढ़े चार सालों से राज करने वाली और विकास का दम भरने वाली प्रदेश की कांग्रेस सरकार के दावे कितने खोखले हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला मुख्यालय कवर्धा से महज पांच किलो मीटर की दूरी पर सकरी नदी के लगातार बढ़ रहे कटाव की समस्या से जूझ रहे ग्राम पंचायत रेंगाखार खुर्द के आश्रित ग्राम कोड़ार के ग्रामीणों की समस्या का समाधान अब तक नहीं किया गया है। हैरानी की बात तो यह है कि प्रदेश के मंत्री और कवर्धा विधायक भी बीते करीब साढ़े चार सालों से ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या की अनदेखी करते आ रहे हैं। जिसकी टीस ग्रामीणों में साफ देखी जा सकती है। उक्त बातें जनपद पंचायत कवर्धा के उपाध्यक्ष एवं जिला भाजपा के महामंत्री वीरेन्द्र साहू ने मंगलवार को ग्राम कोड़ार का दौरा करने और स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू होने के बाद जारी बयान में कहीं। श्री साहू ने कहा कि सकरी नदी के किनारे बसे ग्राम कोड़ार के बासिंदे हर साल बढ़ रहे सकरी नदी के कटाव की गंभीर समस्या जूझ रहे हैं। लेकिन उन्हें इस गंभीर समस्या से छुटकारा दिलाने कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। श्री साहू ने बताया कि ग्राम कोड़ार की बड़ी आबादी सकरी नदी के किनारे बसी है। लेकिन लगातार बढ़ रहे सकरी नदी के कटाव और उस पर शासन-प्रशासन की अनदेखी के चलते अब बस्ती और नदी का फासला महज कुछ फीट का ही रह गया है। वर्तमान में सकरी नदी का कटाव स्थानीय ग्रामीणों के घरों तक पहुंच गया है कि अगर इस वर्ष वर्षा ऋ तु में कहीं सकरी नदी में जोरदार बाढ़ आ गई तो ग्रामीणों के कच्चे मकानो का एक बड़ा हिस्सा नदी में समा सकता है। लेकिन हैरानी की बात है कि इतने के बाद भी न तो प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही स्थानीय विधायक ग्रामीणों की पीड़ा को समझ रहे हैं। जबकि इस संबंध में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कई बार शासन, प्रशासन से शिकवा शिकायत कर नदी में लगातार बढ़ रहे कटाव की रोकने की मांग की जा चुकी है।

*बंद हो चुका है गांव का आम रास्ता*

जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष वीरेन्द्र साहू ने बताया कि सकरी नदी का मुख्य कटाव भोरमदेव मुख्य मार्ग से ग्राम कोड़ार बस्ती पहुंच मार्ग से कुछ दूसरी से प्रारंभ हो जाता है, जो करीब डेढ़ सौ फीट तक लम्बा है। उन्होने बताया कि बीते साढ़े चार साल में शासन, प्रशासन द्वारा की गई अनदेखी के चलते अब यह कटाव गांव के आम रास्ता को निगल चुका है और सड़क का एक बड़ा हिस्सा नदी में समा चुका है और आम रास्ता पूरी तरह से बंद हो चुका है। वहीं अब कटाव सड़क के दूसरी तरफ बने घरों को निगलने आतुर दिख रहा है। श्री साहू ने आशंका जताई है कि अगर इस साल सकरी नदी में अच्छी बाढ़ आती है और प्रशासन द्वारा वर्षाकाल के पूर्व इस कटाव को रोकने कोई प्रयास नहीं किए तो ग्रामीणों के घर नदी में समा सकते हैं।

*श्री साहू ने शासन-प्रशासन से की मांग*

जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष वीरेन्द्र साहू ने ग्राम कोड़ार सहित सकरी नदी के किनारे बसे ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए शासन-प्रशासन से मांग की है कि समस्या और ग्रामीणों के जानोमाल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होने बताया कि वे जल्द ही इस संबंध में जिला कलेक्टर सेे भी मुलाकात करेंगे तथा उनके समक्ष ग्रामीणों की समस्या रखेंगे। साथ ही उन्होने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते जो कुछ संभव होगा वे करेंगे।
============

Prakash Verma

संपादक, सुनवाई.इन

Related Articles

Back to top button