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पदोन्नति निरस्त, फिर संशोधन कैसे  टीचर्स एसोसिएशन ने उठाए सवाल

संभागीय शिक्षा कार्यालय संदेह के दायरे में

कवर्धा – सहायक शिक्षक से शिक्षक पद पर किए गए पदोन्नति में पदोन्नत पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि समाप्त होने के बाद पदोन्नति स्वतः ही निरस्त हो गया है. पदोन्नति निरस्त होने के बाद अपने ही आदेश के विपरीत कई शिक्षकों के पदोन्नत स्थान में संशोधन किए जाने पर छग टीचर्स एसोसिएशन ने सवाल खड़े किए हैं. एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने बताया कि कार्यालय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग ने विगत 6 अप्रैल को जारी आदेश में संभाग के सहायक शिक्षकों का विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित व अंग्रेजी विषय के शिक्षक पद पर पदोन्नति आदेश जारी किया, जिसमें स्पष्ट उल्लेख किया गया कि छग शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 29 मार्च 2023 को दिए गए निर्देशानुसार पदोन्नति उपरांत पदस्थापना कॉउंसलिंग के माध्यम से किया जाकर पदांकन आदेश पृथक से जारी किया जाएगा. पदोन्नति आदेश के कुछ दिनों बाद संभाग में शिक्षक पद के विषयवार अनुमोदित रिक्त पदों की सूची जारी किया गया. यह भी स्पष्ट किया गया कि इस सूची से बाहर किसी भी अन्य स्कूल में पदांकन नहीं किया जाएगा. इसी सूची में दर्शित रिक्त पदों के अनुसार पदांकन के लिए 24 से 28 अप्रैल तक दुर्ग में कॉउंसलिंग किया गया. कार्यालय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग ने विगत 12 मई को पदोन्नत शिक्षकों द्वारा कॉउंसलिंग में चयन किए गए शाला एवं असहमति दिए व अनुपस्थित शिक्षकों का कार्यालय से निश्चित किए गए शाला में पदस्थापना आदेश जारी किया. इस आदेश में यह स्पष्ट उल्लेखित किया गया कि एल. बी. संवर्ग के पदोन्नत सहायक शिक्षकों को 31 मई 2023 तक पदोन्नत पद में कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा, साथ ही यह भी बताया गया कि पदोन्नति नहीं चाहने वाले एल. बी. संवर्ग के सहायक शिक्षक की सेवा पुस्तिका में तदाशय की टीप अंकित किया जाएगा. इसी दौरान संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग से 30 मई को जारी आदेश में पुनः बताया गया कि 12 मई को जारी ई-एल. बी. व टी-एल. बी. संवर्ग के सहायक शिक्षक से उच्च वर्ग शिक्षक पद अंग्रेजी, गणित, विज्ञान व सामाजिक विज्ञान विषय में पदोन्नति आदेश जारी किया गया है, जिसमें कार्यभार ग्रहण करने की अंतिम तिथि 31 मई 2023 तक निर्धारित है. पदोन्नत सहायक शिक्षक द्वारा पदस्थापना में संशोधन एवं कार्यभार ग्रहण समय में वृद्धि हेतु प्रस्तुत किये गए आवेदन पत्र को अमान्य किया जाता है. संबंधित पदोन्नत सहायक शिक्षक पदस्थापना आदेश में निश्चित तिथि तक कार्यभार ग्रहण कर लेवें अन्यथा पदोन्नति से वंचित के लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे. एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी, आसकरण धुर्वे, उग्रसेन चन्द्रवंशी, केशलाल साहू, वकील बेग मिर्जा, बलदाऊ चन्द्राकर, राजेश तिवारी, हेमलता शर्मा, सुरतिया साहू, मनोज चन्द्रवंशी, राजेन्द्र कौशिक, देवानंद चन्द्रवंशी, धरमप्रकाश मिश्रा, उमेश चन्द्रवंशी, गोकुल जायसवाल, जयप्रकाश चन्द्रवंशी, राजेश कौशिक, वीरेन्द्र चन्द्रवंशी, महेश पाली, राजकिरण चन्द्रवंशी, जोहन पुनाचा, गणेश कुर्रे, जागेश्वर साहू आदि ने कहा कि 31 मई को पदोन्नति आदेश निरस्त होने के बाद एवं शासन के निर्देशानुसार अनुमोदित रिक्त पद से भिन्न जगह में 9 जून को संशोधित पदांकन आदेश जारी किया जाना नियम विरुद्ध है. अतः इस संशोधित आदेश को अविलंब निरस्त करने के साथ ही नियम विरुद्ध संशोधन की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्यवाही किया जावे.

सभी रिक्त पदों को दिखाने की मांग नहीं माना

पदोन्नति पश्चात पदांकन के लिए आयोजित कॉउंसलिंग के पहले ही टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी के नेतृत्व में 21 अप्रैल को जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से छग शासन स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव व सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के संचालक एवं संयुक संचालक दुर्ग के नाम ज्ञापन सौंपकर कॉउंसलिंग में संभाग के समस्त रिक्त पदों को प्रदर्शित करने की मांग किया था, जिसे नहीं माना गया. अब पदांकन आदेश में उल्लेखित अंतिम तिथि समाप्त होने से पदोन्नति आदेश निरस्त होने के बाद अनुमोदित रिक्त पदों से भिन्न स्कूलों में संशोधित आदेश जारी किया जाना कई संदेह को जन्म देता है.

शासन के निर्देशानुसार हुआ कॉउंसलिंग

छग शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने 29 मार्च 2023 को जारी पत्र में पदोन्नति पश्चात ओपन कॉउंसलिंग के माध्यम से पदांकन किए जाने का निर्देश दिया है. इस पत्र में क्रमशः सर्वप्रथम शिक्षक विहीन, एकल शिक्षकीय, दर्ज संख्या के अनुपात में ज्यादा आवश्यकता वाले तत्पश्चात अन्य शालाओं में पदांकन करने का निर्देश दिया है. इसी निर्देश का पालन करते हुए संयुक्त संचालक ने रिक्त पदों की अनुमोदित सूची जारी किया और इन्ही रिक्त पदों पर कॉउंसलिंग से पदांकन भी किया. यहाँ तक सब ठीक था, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश को दरकिनार करते हुए विगत 9 जून को जारी संशोधित पदांकन आदेश में अनुमोदित रिक्त पदों से भिन्न स्कूलों में पदांकन किए जाने से शिक्षक आक्रोशित हैं.

संशोधन आवेदन को किया था अमान्य
कार्यालय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग से 30 मई को जारी आदेश के अनुसार पदोन्नत सहायक शिक्षक द्वारा पदस्थापना में संशोधन एवं कार्यभार ग्रहण समय में वृद्धि हेतु प्रस्तुत किए गए आवेदन पत्र को अमान्य कर दिया गया था. संशोधन हेतु दिए आवेदन को अमान्य किए जाने के बाद कई शिक्षकों ने पदोन्नति लेने की मजबूरीवश दूरदराज के स्कूलों में कार्यभार ग्रहण किया था. अब पदोन्नति आदेश स्वतः निरस्त होने के बाद नियमविरुद्ध संशोधन किया जाना चाहिए

Prakash Verma

संपादक, सुनवाई.इन

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