छत्तीसगढ़

प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र भिलाई में होगा स्थापित, 15 मेगावाट होगी कैपेसिटी….

 दुर्ग: सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के एक परियोजना के तहत 15 मेगावाट क्षमता वाले छत्तीसगढ़ राज्य के पहले फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना के लिए भिलाई के मरोदा-1 जलाशय में आधारशिला सेल-बीएसपी के निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता एवं एनटीपीसी के निदेशक (प्रचालन) तथा एनएसपीसीएल के चेयरमैन रविन्द्र कुमार ने रविवार को रखी। 15 मेगावाट क्षमता वाले फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना, भिलाई इस्पात संयंत्र के ग्रीन एनर्जी उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत सरकार की नीति के अंतर्गत इस ऊर्जा संयंत्र की स्थापना को सस्टेनेबल एनर्जी समाधानों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।यह परियोजना बीएसपी के कार्बन उत्सर्जन को कम करने एवं ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और ऐसा अनुमान है कि इस संयंत्र से सालाना 34.26 मिलियन यूनिट ग्रीन विद्युत का उत्पादन होगा। जिसका उपयोग बीएसपी अपने कैप्टिव विद्युत जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगा। इससे बीएसपी के कार्बन उत्सर्जन में सालाना 28,330 टन की कमी आने की संभावना है। एनएसपीसीएल, जो एनटीपीसी और सेल का एक संयुक्त उध्यम है, इस परियोजना के लिए परामर्शदाता के रूप में कार्य करेगा। इस परियोजना को ईपीसी अनुबंध के तहत मई 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

Prakash Verma

संपादक, सुनवाई.इन

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