कबीरधाम विशेष

कवर्धा वन विभाग की घोर लापरवाही… भोरमदेव अभ्यारण्य में वन्य प्राणियों की सुरक्षा को कर रहे हैं अंदेखा…..तस्करो का जलवा..

कवर्धा , भोरमदेव अभ्यारण में वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर घोर लापरवाही वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा की जा रही है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार सूर्यास्त से सूर्योदय तक अभ्यारण या राष्ट्रीय उद्यान के रास्तों से वाहनों के गुजरने पर रोक रहती है। जिससे कि वन्य प्राणी स्वच्छंदता पूर्वक विचरण कर सकें। जबकि भोरमदेव अभ्यारण में बांधा जमुनपानी मार्ग पर 24 घंटे वाहनों का आवागमन जारी रहता है। बांधा एवं जमुना पानी में बैरियर स्थापित किया गया है जो की नाम मात्र का है यहां किसी भी वाहन को रोका नहीं जाता सभी वाहनों को ऐसे ही जाने दे दिया जाता है। रात्रि में वन्य प्राणियों को विचरण में समस्या का सामना करना पड़ रहा है ।मार्ग के दोनों साइड अभ्यारण्य का जंगल है जिसे शर्मीले वन्य प्राणी वाहनों से झिझक कर पार नहीं कर पाते।वन्य प्राणियों के लिए ही अभ्यारण्य बनाया गया है फिर भी वन्य प्राणियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अभ्यारण्य में पोस्टेड कर्मचारी भी कार्यस्थल से गायब रहते हैं शाम 5 बजे के बाद कोई वन कर्मचारी फील्ड या बैरियर में नहीं दिखता । बेचारे वन्य प्राणियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।

तस्करो का जलवा

भोरमदेव अभ्यारण्य क्षेत्र में कर्मचारियों की गायब होने से तस्करो का जलवा दिखाई देता है । सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पी अप वाहनों में झाड़ू या अन्य सामग्रियों को भर कर कवर्धा की ओर लाते है और उसी के नीचे इमारती लकड़ी और उससे बने सामग्रियों को आसानी से ला कर शहरो में बेचा जाता है। चेक बेरियर में उसका जांच भी नही किया जाता । जो कई तरह के संदेह को पैदा करता है ।

Prakash Verma

संपादक, सुनवाई.इन

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