कवर्धा

बोड़ला तहसीलदार ने आदेश निकालकर वक्फ बोर्ड भूमि में निर्मित मुस्लिम क़ब्रस्तान गेट को तोड़वाया,पुलिस एवं तहसीलदार को गेट तोड़वाने में करना पड़ा भारी विरोध का सामना,आखिरकार गेट में बुलडोजर चलवाने में तहसीलदार हुए कामयाब….

पोंड़ी मुस्लिम क़ब्रस्तान में कुछ ही दिन पूर्व अवैध बताकर भवन सेड के चारो ओर दीवाल को अवैध बताकर तोड़ा गया,अब उसी क़ब्रस्तान में गेट को भी तानाशाही आदेश निकालकर तोड़ा गया,जबकि उक्त भूमि 274/273 वक्फ बोर्ड में दर्ज है,वही उक्त भूमि में जो पिछले साल पक्की सड़क बनी हुई है,वो भी इसी रकबे में शामिल है,

वही इस मामले में शिकायत कर्ता द्वारा ये कहकर आवेदन दिया गया था ,की इसमें जमात के पूर्व उपमुतवल्ली मुश्ताकुद्दीन द्वारा अवैध गेट निर्माण किया गया है,मुस्ताकुद्दीन के पास 29 फरवरी को नोटिस आया ,जिसका जवाब उन्होंने दिया कि उक्त भूमि में मैं कोई अवैध गेट निर्माण नही कराया,बल्कि मुस्लिम समाज के मुखिया होने के नाते समाज के आदेश के तहत निर्माण कराया है,एवं उक्त भूमि मुस्लिम क़ब्रस्तान के अंतर्गत है, एवं वक्फ बोर्ड में शामिल है ,इसमे अतिक्रमण जैसी कोई बात नही,

वही पटवारी ने भी रिपोर्ट में कही नही लिखा है कि यह अवैध है,उन्होंने फेसिंग तार के अंदर निर्माण की बात कही है,
मुस्ताकुद्दीन ने बताया कि जवाब प्रस्तुत करने के बाद भी तहसीलदार ने मनमानी पूर्वक आदेश निकाला है,आज  सुबह 11 बजे भी उन्होंने कलेक्टर महोदय  के कार्यालय में आवेदन दिया कि उक्त आदेश को रोका जाए,उस आवेदन में उन्होंने अवगत कराया है कि अवैध निर्माण नही है,बेवजह आरोप लगाया गया है,
उन्होंने बताया कि 11 मार्च को तोड़ने का आदेश निकला,12 मार्च शाम को उन्हें जानकारी मिली कि 13 मार्च को तोड़ने का आदेश है,उन्होंने कहा कि हटाने को लेकर भी उन्हें उचित समय नही दिया गया,एक तरफा कार्यवाही की गई,कोई सुनवाई कही नही हुई,जांच एवं सीमांकन उपरांत अगर गलत हो तो तोड़ लेने की बात कही गयी किसी ने नही सुनी,
आज जब दल बल के साथ तहसीलदार बोड़ला द्वारा जेसीबी से उक्त निर्माण को हटाने को लेकर मुस्लिम समाज का विरोध का सामना करना पड़ा,तहसीलदार एवं पुलिस प्रशाशन को क़ब्रस्तान गेट हटाने को लेकर काफी मशक्कत करनी पड़ी, काफी संख्या में पुलिस बल तैनात थी,तहसीलदार एवं पुलिस प्रशाशन के विरोध में जमकर नारे बाजी हुई,तत्पश्चात समझाइस के बाद गेट को गिराया गया ,अब सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ शिकायत कर देने से किसी भी निर्माण को अवैध कहकर कैसे गिराया जा सकता है,जवाब देने के बावजूद एक तरफा  बुलडोजर कार्यवाही की कैसे जरूरत पड़ी,मुस्लिम समाज का कहना है कि भवन की दीवार तोड़ने के बाद,गेट भी तोड़ दिया गया है,अब उक्त भूमि में मुर्दे मौजूद है अगर 274 एवं 273 भूमि जो वक्फ बोर्ड में दर्ज है अवैध है तो मुर्दों को अन्य जगह शिफ्ट करने के लिए आवेदन करेंगे ,
उन्होंने बताया कि 11 मार्च को तोड़ने का आदेश निकला,12 मार्च शाम को उन्हें जानकारी मिली कि 13 मार्च को तोड़ने का आदेश है,उन्होंने कहा कि हटाने को लेकर भी उन्हें उचित समय नही दिया गया,एक तरफा कार्यवाही की गई,कोई सुनवाई कही नही हुई,जांच एवं सीमांकन उपरांत अगर गलत हो तो तोड़ लेने की बात कही गयी किसी ने नही सुनी,
आज जब दल बल के साथ तहसीलदार बोड़ला द्वारा जेसीबी से उक्त निर्माण को हटाने को लेकर मुस्लिम समाज का विरोध का सामना करना पड़ा,तहसीलदार एवं पुलिस प्रशाशन को क़ब्रस्तान गेट हटाने को लेकर काफी मशक्कत करनी पड़ी, काफी संख्या में पुलिस बल तैनात थी,तहसीलदार एवं पुलिस प्रशाशन के विरोध में जमकर नारे बाजी हुई,तत्पश्चात समझाइस के बाद गेट को गिराया गया ,अब सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ शिकायत कर देने से किसी भी निर्माण को अवैध कहकर कैसे गिराया जा सकता है,जवाब देने के बावजूद एक तरफा  बुलडोजर कार्यवाही की कैसे जरूरत पड़ी,मुस्लिम समाज का कहना है कि भवन की दीवार तोड़ने के बाद,गेट भी तोड़ दिया गया है,अब उक्त भूमि में मुर्दे मौजूद है अगर 274 एवं 273 भूमि जो वक्फ बोर्ड में दर्ज है अवैध है तो मुर्दों को अन्य जगह शिफ्ट करने के लिए आवेदन करेंगे ,

Prakash Verma

संपादक, सुनवाई.इन

Related Articles

Back to top button